राजकीय महाविद्यालय बनबसा चंपावत में विश्व जल दिवस: रेड क्रॉस की प्रेरणा से जल संरक्षण का महायज्ञ!

  • gallery
  • gallery
  • gallery
  • gallery
  • gallery
 आज, 22 मार्च को राजकीय महाविद्यालय बनबसा चंपावत में विश्व जल दिवस का आयोजन रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. सुधीर मलिक जी के कुशल नेतृत्व में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ! यह पावन अवसर जल संरक्षण के महत्व को गहराई से आत्मसात करने और जल प्रदूषण को समूल नष्ट करने के हमारे दृढ़ संकल्प को साकार करने के लिए समर्पित था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार जी के ओजस्वी संबोधन से हुआ। उन्होंने छात्रों को जल को अनमोल धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और इस सफल आयोजन में महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों के अमूल्य सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस विशेष अवसर पर, रेड क्रॉस के संयोजक डॉ. सुधीर मलिक जी ने जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी और छात्रों को रेड क्रॉस द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियानों और स्वयंसेवा के अवसरों से अवगत कराया। उनके मार्गदर्शन में ही आज यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रेड क्रॉस के सहसंयोजक डॉ. राजीव कुमार सक्सेना जी ने जल प्रदूषण के भयावह कारणों और उनके प्रभावी निवारण के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन में जल बचाने के छोटे-छोटे लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण कदमों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस ज्ञानवर्धक सत्र में हेम कुमार गहतोरी जी ने भी जल के महत्व पर अपने विचार रखे, जिससे सभी श्रोताओं को जल की महत्ता और गहराई से समझ में आई। इसके अतिरिक्त, डॉ. बी. एन. दीक्षित जी, डॉ. राजीव कुमार जी, और डॉ. सुशीला आर्या जी जैसे विद्वानों ने भी अपने अनुभवों और ज्ञान से छात्रों को लाभान्वित किया।
व्याख्यान के पश्चात, महाविद्यालय परिसर में आयोजित स्वच्छता प्रोग्राम में छात्रों का उत्साह देखते ही बनता था! उन्होंने पूरे समर्पण भाव से परिसर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दिया, जो पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी निष्ठा का प्रमाण है।
हमें यह साझा करते हुए अत्यंत गर्व अनुभव हो रहा है कि महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों ने इस महत्वपूर्ण

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना संपूर्ण योगदान दिया।
यह विश्व जल दिवस का आयोजन, रेड क्रॉस की प्रेरणा और महाविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का एक अद्भुत संगम था। आइए, हम सब मिलकर जल संरक्षण के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दें और एक सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य का निर्माण करें।
जल ही जीवन है, इसे बचाना हमारा परम कर्तव्य है!